INTRODUCTION OF COMPUTER - कंप्यूटर परिचय

INTRODUCTION (परिचय)

कंप्यूटर एक युक्ति है जो डेटा को रिसीव, प्रोसेस तथा  स्टोर करके रख  सकता है | कंप्यूटर का उपयोग कैसे करते है समझने के लिए कंप्यूटर के बारे में जानकारी रखना बहोत जरुरी है , जिस प्रकार कंप्यूटर की पीढ़िया तेजी से बदल रहा है उसी प्रकार हम जिस दुनिया में रहते है वह भी बहोत तेजी से परिवर्तन हो रहा है इस आधार पर हमें बदलते दुनिया के साथ खुद को ढालना है और उसके अनुसार ही अपने जीवन में नये-नये युक्तियो को सीखते रहना है | हालाँकि सभी प्रकार के कंप्यूटरों में कई भाग सामान या एक जैसे ही होता है | 
इनपुट डिवाइस जो डेटा को कंप्यूटर में दर्ज करता है जैसे :- माउस, की-बोर्ड, आदि |


कमांड और डेटा भण्डारण का एक साधन (MEMORY)
एक सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट जो प्रोसेसिंग पर नियंत्रण रखता है (सी.पी.यू.)
प्रोसेस हो चुकी जानकारी को आउटपुट करने का एक साधन (मोनिटर)
सामान्य रूप से देखे तो कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन हैं जो सुचना को स्वीकार करके, उसपे प्रोसेस करता है और हमे परिणाम स्वरुप रिजल्ट देता है आउटपूट के रूप में |
कंप्यूटर आकार और क्षमता के आधार पर भिन्न होते है हालाँकि एक तरफ सुपर कंप्यूटर है जिससे हजारो माइक्रोप्रोसेसर जुड़े होते है और जो अत्यंत जटिल गणना करता हैं | दुसरे तरफ छोटे कंप्यूटर जो कार, टी.वी., स्टीरियो, कैलकुलेटर, और विभिन्न उपकरणों में अन्तर्निहित होते हैं हालाँकि यह कंप्यूटर एक सिमित संख्या में कार्य करता हैं |


कंप्यूटर का विकास 
हमारे पूर्वजो ने जब अपने जानवरों और और सामानों तथा सम्पति की गिनती करने के लिए पत्थर का प्रयोग करना शुरू कर दिया था | तब उन्होंने यह कभी नहीं सोचा होगा की उसके इस कार्य से आज कंप्यूटर को बढ़ावा मिलेगा जिस प्रकार गिनती लगाने के लिए लोगो ने एक निश्चित प्रक्रिया का पालन करना शुरू कर दिया था | जिससे बाद में गणना करने के लिए एक डिजिटल डिवाइस का आविष्कार हुआ जिसे अबेकस नाम से जाना गया | अबेकस सबसे पहला और पुराना यांत्रिक गणना उपकरण था जो की आसानी से और तेजी से जोड़ने-घटाने के लिए उपयोग में लाया जाता था यह उपकरण सबसे पहले 10वी सदी में ई.पू. में मिस्त्र के लोगो द्वारा बनाया गया था लेकिन चीनी शिक्षाविदो ने 12वी शताब्दी ईस्वी में इसे अंतिम रूप दिया गया | अबेकस लड़की के फ्रेम से बनाया जाता था जिसमे छोटे-छोटे गोले  राड पर लगा दिया जाता था यह दो भागो में "हैवान" और "अर्थ" में विभाजित होता हैं | हैवान उपरी हिस्से को और अर्थ निचली हिस्से को कहा जाता था |

नेपियर बोनस 

अबेकस के बाद सन 1617 में स्कॉटलैंड के एक गणितज्ञ जॉन नेपियर ने हड्डियों की छड़ो का इस्तेमाल करके एक ऐसी उपकरण तैयार किया जो गुणा व भाग का कार्य भी कर सकता था इसलिए इस मशीन को नैपियर बोनस नाम दिया गया |

पास्कल का कैलकुलेटर 

सन 1642 में एक फ़्रांसिसी वैज्ञानिक ब्लेज पास्कल ने एक एडिंग मशीन जिसे पास्कल कैलकुलेटर के नाम से जाना जाता है | का आविष्कार किया जो गियर की सहायता से अंको की स्थिति भी बताता था | इसे एडिंग मशीन कहा जाता था क्योकि यह सिर्फ जोड़ने - घटाने का काम करता था |

लिबनिज कैलकुलेटर 

सन 1671 में एक जर्मनी गणितज्ञ गोटफ़्राईड लिबनिज ने पास्कल कैलकुलेटर को संशोधित करके एक मशीन तैयार किया जो गुणा और भाग जैसे आधारित बड़ी गणनाये करने में सक्षम था |

विश्लेष्णात्मक इंजन 

सन 1833 में इंग्लैण्ड के एक वैज्ञानिक  चार्ल्स बैवेज ने एक ऐसी उपकरण (मशीन) का आविष्कार किया जो हमारे डेटा को सुरक्षित रूप से रख सकता था | इस उपकरण को विश्लेष्णात्मक इंजन के नाम से जाना गया और इसे पहला यांत्रिक कंप्यूटर भी मान लिया गया | इसमे कुछ ऐसे फीचर थे जो आज के कंप्यूटर में उपयोग किये जाते हैं कंप्यूटर के इस महार अविष्कारक को कंप्यूटर का जनक माना गया |

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